Inspector Sonu Chaudhary Viral Video: वर्दी में डांस का वीडियो पड़ा महंगा, हुसैनाबाद के थाना प्रभारी का किया लाइन हाजिर

By Neha Jha

Published on: January 29, 2026

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Inspector Sonu Chaudhary Viral Video

Inspector Sonu Chaudhary Viral Video:- गणतंत्र दिवस पर हुसैनाबाद थाना परिसर में एक अनोखी घटना सामने आई। थाना प्रभारी सोनू चौधरी ने वर्दी पहनकर अपनी पत्नी के साथ डांस रील बनाई, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। वीडियो के फैलने के बाद विभाग ने तत्काल जांच शुरू की। 

रिपोर्ट में वर्दी और पद की गरिमा भंग होने की पुष्टि होने पर पलामू एसपी रीष्मा रमेशन ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया। प्रशासनिक स्तर पर पाटन के अंचल निरीक्षक चंदन कुमार को नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया। पुलिस विभाग ने साफ संदेश दिया कि वर्दी और पद का सम्मान हमेशा सर्वोपरि है।

वायरल वीडियो के बाद हुई विभागीय जांच

वीडियो के फैलने के तुरंत बाद पुलिस विभाग ने इसे गंभीरता से लिया। हुसैनाबाद के एसडीपीओ एस मोहम्मद याकूब के नेतृत्व में जांच शुरू की गई। जांच में यह पुष्टि हुई कि इस तरह का व्यवहार वर्दी और पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि चाहे यह किसी त्योहारी या व्यक्तिगत उत्सव का हिस्सा क्यों न हो, थाना परिसर और वर्दी का सम्मान हमेशा सर्वोपरि होना चाहिए।

लाइन हाजिरी और प्रशासनिक बदलाव

पलामू एसपी रीष्मा रमेशन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कदम उठाया। उन्होंने इंस्पेक्टर सोनू चौधरी को लाइन हाजिर कर दिया, ताकि विभागीय अनुशासन का संदेश साफ और स्पष्ट रूप से दिया जा सके।

साथ ही प्रशासनिक स्तर पर बदलाव करते हुए पाटन के अंचल निरीक्षक चंदन कुमार को हुसैनाबाद का नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया। पुलिस विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया कि वर्दी और पद की गरिमा से जुड़े किसी भी आचरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रभारी का पेशेवर सफर और हालिया तैनाती

सोनू चौधरी पिछले कुछ महीनों से हुसैनाबाद थाना प्रभारी के पद पर तैनात थे। इससे पहले वह पलामू के चैनपुर थाना में थानेदार रहे हैं। वे 2012 बैच के सब इंस्पेक्टर थे और 2024 में प्रमोशन लेकर इंस्पेक्टर बने थे। उनकी इस हरकत ने न केवल विभाग के अनुशासन पर सवाल उठाया, बल्कि जनता के बीच भी चर्चा का विषय बन गया।

सोशल मीडिया का प्रभाव और जनमत

यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। कई लोगों ने इसे मनोरंजन का साधन माना, जबकि कई ने इसे वर्दी की गरिमा और कानून की मर्यादा का उल्लंघन बताया। पुलिस विभाग ने यह स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत जिंदगी और सोशल मीडिया पर सक्रियता पर कोई रोक नहीं है, लेकिन वर्दी और पद की गरिमा का उल्लंघन कतई स्वीकार्य नहीं है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के कारण अधिकारियों को अपनी हरकतों में सतर्क रहना आवश्यक है। एक छोटी सी वीडियो भी अधिकारी की प्रतिष्ठा और पद पर असर डाल सकती है।

अनुशासन और जिम्मेदारी का संदेश

गणतंत्र दिवस पर हुई इस घटना ने यह स्पष्ट किया कि तकनीक और सोशल मीडिया का प्रभाव कितना बड़ा है। एक छोटी सी रील ने तत्काल विभागीय कार्रवाई और प्रशासनिक बदलाव को शुरू कर दिया। पुलिस विभाग ने यह सुनिश्चित किया कि भविष्य में किसी भी अधिकारी द्वारा वर्दी और पद की गरिमा के साथ खिलवाड़ न हो। वर्दी और पद केवल सम्मान का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज और कानून के प्रति जिम्मेदारी का प्रतिनिधित्व भी करते हैं।

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